उईगुर मुसलमानों को सूअर का माँस खाने पर मजबूर कर रही है चीनी सेना

उइगर इन चाइना


चीन के शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुस्लिमों की जिंदगी बदतर होती जा रही है, रिपोर्ट्स में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि चीन ने उइगर मुस्लिमों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मिटाने में कोई कसर नही छोड़ रखी है, और अब चीन वहां के मुसलमानों को हर शुक्रवार सूअर का मांस खाने को मजबूर कर रहा है। इसका खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि खुद एक उइगर मुस्लिम महिला "सयारगुल सौतबे" ने अलजजीरा को दिए एक इंटरव्यू में किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई मुसलमान सूअर का मांस खाने से मना करता है तो उसे चीनी सेना द्वारा कड़ी सजा दी जाती है।

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न्यूज़ एजेंसी अलजजीरा को दिए इंटरव्यू में इस महिला ने कई खुलासे किये, महिला के अनुसार हर शुक्रवार को सूअर का मांस खिलाया जाता है, क्योकि शुक्रवार मुस्लिमो का पाक दिन माना जाता है, यदि मुस्लिम माँस खाने से इंकार करते है तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा चीनी सेना द्वारा दिया जाता है.

यह महिला स्वीडन में एक अध्यापिका है, जिसने अपनी एक किताब प्रकाशित की है, जिसमे उसने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार का खुलासा किया है, इस महिला के अनुसार शिनजियांग प्रदेश में सुअर पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है.

कौन है उईगुर मुस्लिम ?

उइघुर जो कि आंतरिक एशिया के एक तुर्क-भाषी लोग हैं। चीन के शिंगजियांग और उत्तरपश्चिमी चीन में सबसे अधिक रहते हैं। चीन में कुछ 10,000,000 उइगर थे और 21 वीं सदी की शुरुआत में उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान में कम से कम इनकी संख्या 300,000 थी।






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