चीन के कम से कम 35 सैनिक मारे गए, अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट में दावा

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लद्दाख में चीन के साथ तनाव को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने अपने देश में जो रिपोर्ट भेजी है उसके मुताबिक़ मंगलवार रात हुई मारपीट में चीन के कम से कम 35 सैनिक मारे गए हैं। अमेरिकी अख़बार यूएसए न्यूज़ ने एक रिपोर्ट छापी है जिसमें कहा गया है कि इस झड़प में चीन को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। मरने वालों में चीन का कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल है। दरअसल चीन दुनिया भर में सैटेलाइट और वायरलेस नेटवर्क की निगरानी करता रहता है। 


इस इलाके में भारत और चीन के बीच तनाव के कारण उसने पिछले कुछ सप्ताह से निगरानी का काम तेज कर दिया था। इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने ईंट-पत्थर, चाकू और नुकीले हथियारों का इस्तेमाल किया। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में मौत का कारण मारपीट नहीं, बल्कि इस इलाके की बनावट है। जिस जगह पर भारत और चीन के सैनिक गुत्थमगुत्था हुए वहां एक तरफ ऊंचे पहाड़ और दूसरी तरफ श्योक, गलवान नदी का संगम है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने भी मरने वालों और घायलों को मिलाकर कुल 43 से अधिक होने का अनुमान जताया है।

नदी में गिरने के कारण कई जवान मरे

सेना के इनपुट्स भी इसी तरफ़ इशारा कर रहे हैं कि रात के अंधेरे में चीन ने अचानक हमला शुरू कर दिया। उसके सैनिक थोड़ी ऊँचाई पर थे। लिहाज़ा उनको शुरुआती बढ़त मिल गई। इसी हमले में कमांडिंग ऑफ़िसर कर्नल बी संतोष बाबू बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए। इसके बाद भारतीय जवान भी बेक़ाबू हो गए और उन्होंने पलटवार शुरू कर दिया। इतने में ही दोनों सेनाओं की अतिरिक्त टुकड़ियाँ पीछे से आ गईं। लगभग 3 से 4 घंटे तक चली इस मारपीट के दौरान कई जवान घायल हालत में नदी में गिर गए। नदी का पानी बेहद ठंडा होने के कारण ज़्यादातर ख़ुद को सँभाल नहीं पाए, क्योंकि उनको हाइपोथर्मिया (Hypothermia) हो गया। इस अवस्था में व्यक्ति के हाथ-पैर अकड़ जाते हैं। जहां पर ये सब हुआ वो बेहद संकरी घाटी है। बड़ी संख्या में दोनों तरफ के सैनिकों की मौत के पीछे भी यही कारण है। मंगलवार देर सुबह तक चीन अपने सैनिकों के शवों की तलाश श्योक गलवान नदी के संगम पर करता रहा था।




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