साजिश के तहत हजारो मजदूरों को बसों में भरकर यूपी बॉर्डर छोड़ दिया गया, केजरीवाल सरकार की पोल खुली


दिल्ली की केजरीवाल सरकार की संवेदनहीनता साफ़ नजर आ रही है, कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन के बाद दिल्ली में हालात हद से बदतर होते जा रहे है, और दिल्ली सरकार इसको हल्के में ले रही है, कही ये ढीलापन दिल्ली के लोगो पर भारी न पड़ जाए.



भारत सरकार ने लोगो से घरों में रहने की अपील की है पर 27 मार्च को अचानक दिल्ली में एक अफवाह उड़ाई गयी - "जिन लोगो को यूपी बिहार में अपने घर जाना है, उनके लिए आनंद विहार बस अड्डे पर बसे तैयार है", इसी तरह की कई अन्य अफवाह भी व्हाट्सऐप पर बड़े पैमाने पर फैलाई गयी 



कहीं बताया गया की लाल कुंवा पर बसे है, तो कहीं बताया गया गाज़ियाबाद के कौशांबी में बसें है, इन अफवाहों के बाद दिल्ली से बड़े पैमाने पर यूपी और बिहार के मजदुर और गरीब तबके के लोग सड़कों पर निकल आये यूपी बॉर्डर पर कोहराम सा मच गया और लोगो ने योगी आदित्यनाथ और मोदी को कोसना भी शुरू कर दिया



बीजेपी नेता कपिल मिश्रा की माने तो आनंद विहार बस टर्मिनल पर करीब 2 लाख लोगो की भीड़ है, अब सवाल ये उठता है की कही उनमे से किसी को कोरोना जैसी भयंकर बीमारी हो और फिर संक्रमण फैले उसके बाद क्या होगा आप समझ सकते है. 


उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक बयान में दिल्ली सरकार पर लोगों के साथ लॉकडाउन के दौरान किए गए व्यवहार पर आपत्ति जताई गई है। इसमें कहा गया है कि लोगों को ना ही दूध और न ही बिजली-पानी उपलब्ध करवाया गया। यही नहीं, उन्हें डीटीसी बसों पर बिठाकर बॉर्डर तक इस आश्वासन के साथ भेज दिया गया कि वहाँ उनके घर जाने का प्रबंध किया गया है। हालात देखते हुए यूपी सरकार ने कानपुर, बलिया, बनारस, गोरखपुर, आजमगढ़, फैजाबाद, बस्ती, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, गोंडा, इटावा, बहराइच, श्रावस्ती सहित कई जिलों की बसें यात्रियों को बैठाकर भेजी। प्रशासन लोगों को खाने-पीने की व्यवस्था भी कर रहा है।

आज ही एक अन्य खबर में बताया गया है कि केजरीवाल अब गाँव की ओर लौट रहे यूपी-बिहार के लोगों से दिल्ली में ही रुकने की अपील कर रहे हैं। इसे डैमेज कंट्रोल की केजरीवाल की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

यहाँ आपको सबसे बड़ी चीज पर गौर ये करना चाहिए की बाकायदा यूपी बॉर्डर पर बहुत से लोगो को DTC यानि दिल्ली परिवहन निगम के बसों द्वारा लाया गया 

आपकी जानकारी के लिए बता दें की DTC केजरीवाल सरकार के इशारे पर चलती है, 1 भी DTC बिना केजरीवाल सरकार की अनुमति के नहीं चल सकती, तो फिर जो DTC बसें दिल्ली में लोगों को भर भर कर यूपी बॉर्डर पर चल रही थी वो आखिर किसके इशारे पर चल रही थी ? 

अब सवाल ये है की केजरीवाल आखिर दिल्ली से यूपी-बिहारियों को भगा क्यों रहा है ? तो इसका जवाब ये की केजरीवाल बांग्लादेशियों का एक बड़ा समर्थक है, केजरीवाल चाहता है की दिल्ली के फैक्ट्रीयों, सोसाइटीयों और पुरे सिस्टम से यूपी-बिहारी बाहर हो जाये ताकि उनकी जगह मज़बूरी में ही फैक्ट्री मालिकों, सोसाइटीयों को बांग्लादेशियों को रखना पड़े

व्हाट्सऐप पर अफवाह फैलाए जाने के बाद जिस तरह केजरीवाल के अंतर्गत आने वाली DTC बसें सड़क पर चलने लगी और लोगो को यूपी बॉर्डर पर छोड़ने लगी उस से सबकुछ साफ़ हो गया है 




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