कोने कोने से पकडे जा रहे विदेशी मौलवी, भारतीय मुसलमानों ने मस्जिदों में इन्हें क्यों छिपा रखा है, क्या है तैयारी ?

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अचानक ही शांत व सुरक्षित माना जाने वाला मेरठ चर्चा में आ गया .. जहां कोरोना के संक्रमण का आंकड़ा शून्य था वो जिला तेजी से संक्रमित होता हुआ प्रदेश में सबसे आगे निकल जाने की तरफ बढ़ने लगा.. कोई समझ भी नही पा रहा था कि अचानक ही ऐसा क्या हो गया जो मिलने लगे इतने संक्रमण..

फिलहाल मेरठ एक ही नही। बल्कि 2 बीमारियों से ग्रसित हो रहा था जिसमे दूसरी बीमारी के रूप में वो विदेशी मौलवी थे जो मेरठ की मस्जिदों में बिना प्रशासन की जानकारी के अज्ञात कारणों से अज्ञात मानसिकता ले कर रह रहे थे..मेरठ पुलिस की जांबाजी व उसके सेनापति के रूप में कार्य कर रहे अजय साहनी की बहादुरी है ये जो न सिर्फ मेरठ जिला बल्कि प्रदेश व साथ ही देश भी किसी बड़ी साजिश का शिकार होने से बच गया..

योगी आदित्यनाथ के शासन में वो तमाम चीजें निकल कर सामने आ रही है जो कभी तथाकथित कारणों से नकली सेक्युलरिज़्म की आड़ में रहस्य बना कर रख दी जाती थी.. अपराधियो, आतंकियो , दंगाईयों, देशफरोहि तत्वों के खिलाफ शासन द्वारा पुलिस को मिली खुली छूट के दौरान उस समय बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी जब मस्जिदों से विदेशी मौलवी पकड़े गए.  

इसी क्रम में मेरठ की मवाना स्थित बिलाल मस्जिद में रविवार देर रात 10 और सरधना में आजाद नगर स्थित मस्जिद में नौ विदेशी मौलवी मिलने से हड़कंप मच गया। ये सभी धर्म प्रचारक हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मस्जिद में पहुंची और इन लोगों से पूछताछ की। इनके कागजात और पासपोर्ट कब्जे में ले लिए गए हैं। ये सभी 17 मार्च से यहां रह रहे हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

यहां ये ध्यान रखने योग्य जरूर है कि NRC व CAA के नाम पर विरोध मेरठ में भी किया गया था जिसका दमन मेरठ पुलिस ने बेहद बहादुरी से किया था.. ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या ऐसे विदेशी मौलवियों को संरक्षण देने के लिए ही वो सवः धरना प्रदर्शन हो रहा था ? क्या वो ये चाह रहे थे कि इन विदेशी मौलवियों से भी कागज़ न दिखाने को बोला जाय .. 

ऐसे तमाम सवाल जनता के मन मे उठ ही रहे थे और मेरठ पुलिस अपनी कार्यवाही भी कर रही थी..यहां खुफिया विभाग सक्रिय था और सुरागरसी में लगा हुआ था। रविवार रात करीब नौ बजे एलआईयू समेत अन्य इंटेलीजेंस टीम ने आलाधिकारियों को सूचना दी कि मोहल्ला हीरालाल स्थित बिलाल मस्जिद में विदेशी ठहरे हैं।

सीओ यूएन मिश्रा, इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी की अगुवाई में पुलिस टीम ने दबिश दी। वहां ये लोग आराम फरमाते मिले। यह जमात 17 मार्च को सूडान व केन्या से आई थी। टीम ने इनके पासपोर्ट व वीजा भी कब्जे में ले लिया। चिकित्सा प्रभारी डा. सतीश भास्कर ने थर्मल स्कैनर से तापमान मापा .. टीम ने जांच पूरी होने तक इन लोगों को बाहर न निकलने की हिदायत दी है। 

मस्जिद के इमाम मौलाना शौकत व अन्य से भी पूछताछ की गई।सरधना की आजाद नगर स्थित मस्जिद में भी कुछ दिन पूर्व जमात आई थी, जिसमें विदेशी शामिल थे। रविवार को पुलिस को सूचना मिली तो मस्जिद पर जाकर पूछताछ की गई। बताया गया कि 21 मार्च को नौ जमाती आए थे। यह सभी इंडोनेशिया के हैं। 

जो इस समय भी मस्जिद में मौजूद हैं। सब इंस्पेक्टर राजवीर सिंह ने विदेशी जमातियों की सूचना नहीं देने पर मस्जिद के मोहतमिम हारून व इमरान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी है। संभवत: सोमवार को इनका परीक्षण कराया जाएगा।




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