लाखों की संख्या में यूपी-बिहार के मजदूर अपने घर लौटने के लिए आनंद विहार बस टर्मिनल पहुंचे, मचा हडकंप


दिल्ली के आनंद विहार बस टर्मिनल पर बहुत बड़ी तादाद में प्रवासी कामगार अपने-अपने घर कस्बों और गाँवों की बसों में सवार होने की उम्‍मीद में यहां चले आए हैं। वे शहर के विभिन्न हिस्सों से पैदल ही बस टर्मिनल तक गए हैं। यहां आज दिन भर से प्रवासी लोगों का आना लगा हुआ था। शाम होते-होते भीड़ बढ़ने लगी। आखिरकार रात करीब सवा आठ बजे यह भीड़ बहुत ज्‍यादा हो गई। यह देखकर प्रशासन के हाथ पैर फूल गए क्‍योंकि यह दृश्‍य ही लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने को काफी है। मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी इन लोगों को लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे भीड़ ना बढ़ाएं लेकिन कोई भी उनकी सुनने को तैयार नहीं है।




डीटीसी बसों से लोगों को आनंद विहार लाया गया

दिल्ली के नागलोई, नजफगढ़, नरेला, मुंडका, सदर बाजार, कश्मीरी गेट समेत कई इलाकों में रहने वाले मजदूर दिल्ली से पलायन कर रहे हैं। डीटीसी बसों ने 25 से 27 मार्च तक आवश्यक सेवाओं में जुटे लोगों के अलावा दूसरों को बैठाना बंद कर दिया था, जिससे मजदूर पैदल ही उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ रहे थे। शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने डीटीसी की बसों से पैदल चलने वालों को यूपी बॉर्डर तक छुड़वाया, जिससे वहां करीब 17 हजार लोग जमा हो गए हैं। वहीं, यूपी सरकार ने रोडवेज की बसों का इंतजाम किया है लेकिन वह भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। इस तरह की भीड़ कोरोना के बीच घातक हो सकती है। 

4 लाख लोगों के खाने का इंतजाम लेकिन वे रुक नहीं रहे: केजरी 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में 4 लाख लोगों के खाने की व्यवस्था शुरू की जा चुकी है, लेकिन लोग नहीं रुक रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि जो जहां है वहां रहें किसी भी व्यक्ति को खाने में या आवश्यक वस्तुओं में कोई दिक्कत नहीं होगी। वहीं, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ट्वीट किया- केजरीवालजी आपने डीटीसी बसों से लोगों को दिल्ली बॉर्डर पर तो जमा करा दिया, लेकिन निवेदन है कि 15 दिन का राशन हर परिवार को दें और उन्हीं बसों से इन लोगों को दिल्ली में अपने घरों तक छुड़वा दें, नहीं तो ये गंभीर समस्या बन जाएगी। इसबीच, दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम अपनी कार से आनंद विहार बॉर्डर पहुंचे और अनाउंसमेंट किया कि जो जहां रह रहे थे वहीं वापस जाएं, दिल्ली सरकार उनके खाने-पीने की व्यवस्था कर रही है।






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