दिल्ली के निजामुद्दीन में जमा हुए थे दुनिया भर से आए 1400 मुस्लिम, 24 लोगो को हुआ कोरोना

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दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज में करीब 14 सौ लोग ठहरे हुए थे, जिसमें विदेशी भी शामिल थे. जमात के विदेशी मेहमानों में ज्यादातर मलेशिया और इंडोनेशिया के नागरिक हैं. दिल्ली आने से पहले ये ग्रुप 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर में एक धार्मिक जलसे में शामिल हुआ था. इस जमात के कई लोगों के कोरोना से पीड़ित होने के मामले सामने आ चुके हैं. कई लोगों की मौत हो चुकी है. अब इस मजहबी जलसे से निकल कर कौन किस राज्य में गया ये पता करना सरकार और प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर है. क्योंकि इस मजहब के लोग सरकार से बातें छुपाते हैं. इसलिए उम्मीद कम ही है कि कोई खुद आ कर बताएगा कि इस मजहबी जलसे में शामिल हुआ था.



पुलिस, मेडिकल और WHO की टीम भी फौरन मौके पर पहुंची. देर रात तक मरकज को खाली कराने का सिलसिला चलता रहा. मरकज में शामिल 14 सौ लोगों में कई लोगों में  कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है. इनमे से 11  लोग इंडोनेशिया के नागरिक हैं. सोमवार को दिल्ली में सबसे ज्यादा करोना पॉजिटिवों के 25 मामले सामने आए, जिनमें से 19 का संबंध इसी कार्यक्रम से था।


कितने लोग पाए गए पॉजिटिव?

निजामुद्दीन इलाके में इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले दर्जनों लोग अबतक कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. यहां से वापस तेलंगाना लौटे 6 लोग तो अपनी जान भी गंवा चुके हैं. इसके अलावा 11 अन्य लोग भी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं.

बता दें कि यहां पर देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे थे, ऐसे में प्रशासन अब हर किसी को ट्रैक कर रहा है. कार्यक्रम में शामिल होकर अंडमान पहुंचे 9 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.




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