शरजील इमाम के लैपटॉप से मिला 'पोस्टर', 'दंगा करो, तभी इंटरनेशनल मीडिया देगा ध्यान'

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राष्ट्रीय राजधानी की साकेत अदालत ने राजद्रोह मामले में गिरफ्तार शरजील इमाम (Sharjeel Imam) को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. शरजील के मोबाइल और लैपटॉप की जांच में जामिया हिंसा से जुड़े अहम सबूत हाथ लगे हैं. क्राइम ब्रांच अब जामिया हिंसा में भी शरजील को गिरफ्तार कर सकती है.

पुलिस ने शरजील के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े 15 लोगों की भी पहचान की है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है. इसमें जामिया और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र शामिल हैं.


14 दिंसबर को सर्कुलेट किया था पोस्टर

क्राइम ब्रांच को आरोपी शरजील के लैपटॉप से भड़काऊ पोस्टर बरामद हुआ है. जांच में पता चला कि इस पोस्टर को 14 दिंसबर 2019 के दिन सोशल मीडिया ग्रुप्स पर सर्कुलेट किया गया. पोस्टर में लिखा है कि सीएए और एनआरसी के खिलाफ 15 दिसंबर को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय पर इकट्ठा होना है. गौरतलब है कि 15 दिंसबर को दिल्ली के जामिया नगर में हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी.

पहले कश्मीर, फिर बाबरी मस्जिद, और अब CAB

इस पोस्टर में लिखा गया था, ''मुस्लिमों को सीएए और एनआरसी का विरोध करना चाहिए. सारे मुसलमानों को एक साथ मिलकर प्रदर्शन करना चाहिए. पहले कश्मीर, फिर बाबरी मस्जिद, और अब नागरिकता संशोधन कानून विरोध प्रदर्शन के लिए पर्याप्त आधार हैं. भारत के मुसलमानों को कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए. दिल्ली को डिस्टर्ब करने के लिए हजारों मुसलमान नौजवान तैयार हैं, जिससे इंटरनेशनल मीडिया का ध्यान हमारी ओर खिंचेगा. जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने 3 बजे (15 दिंसबर) कॉल बुलाया है. सभी मुस्लिम छात्रों से गुजारिश है कि बड़ी संख्या में एकत्रित होकर हंगामेदार चक्काजाम करने पहुंचें.''

PFI से संपर्क

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि शरजील इमाम पीपुल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (PFI) के 9 लोगों के संपर्क में था. अब इस बारे में और जानकारी हासिल की जा रही है.




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