महाकाल एक्सप्रेस में भगवान शिव का मंदिर रखने पर भड़के ओवैसी,

Also Read


उत्तर प्रदेश के वाराणसी से मध्य प्रदेश के इंदौर के बीच रविवार को शुरू हुई काशी महाकाल एक्‍सप्रेस में एक सीट को भगवान शिव के लिए आरक्षित करने और उसे मंदिर का रूप देने पर राजनीति शुरू हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने महाकाल एक्‍सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग कर भारत के संविधान की प्रस्‍तावना को ट्वीट किया है।



ओवैसी ने ट्वीट की संविधान की प्रस्तावना

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने PMO को टैग कर संविधान की प्रस्तावना को ट्वीट किया है जिसमें लिखा है, ‘हम भारत के लोग, भारत को एक संप्रभुतासंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को: न्याय, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा, उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढाने के लिए, दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई0 को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।’ 




2 राज्यों के 3 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करेगी ट्रेन

माना जा रहा है कि ओवैसी ने इस ट्वीट के जरिए ट्रेन में एक सीट भगवान शिव के नाम पर आरक्षित रहने पर आपत्ति जताई है। दरअसल, वाराणसी से इंदौर के बीच शुरू हुई काशी महाकाल एक्सप्रेस की एक सीट को मंदिर का रूप दे दिया गया है जिसमें भगवान शिव की मूर्ति लगाई गई है। महाकाल एक्सप्रेस के ट्रेन के कोच बी5 की सीट नंबर 64 को शिव का मंदिर बनाया गया है। यह ट्रेन 20 फरवरी से शुरू होगी और 2 राज्यों के 3 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करेगी। 

सीट को हमेशा के लिए रिजर्व करने पर विचार

ट्रेन में भगवान शिव के लिए सीट आरक्षित करने ने नए विचार के बाद रेलवे प्रशासन इस पर विचार कर रहा है कि ट्रेन में स्थायी तौर पर ‘भोले बाबा’ के लिए एक सीट आरक्षित की जाए। यह ट्रेन इंदौर के निकट ओंकारेश्वर, उज्जैन में महाकालेश्वर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ को जोड़ेगी। उत्तरी रेलवे के लिए प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि कोच संख्या बी5 की सीट संख्या 64 भगवान के लिए खाली की गई है। रेलवे ने आईआरसीटीसी संचालित तीसरी सेवा शुरू की है। यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के वाराणसी से मध्य प्रदेश के इंदौर तक जाएगी।



ट्रेन में बजेगा भक्ति संगीत

कुमार ने कहा, ‘ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सीट भगवान शिव के लिए आरक्षित और खाली रखी गई है। सीट पर एक मंदिर भी बनाया गया है ताकि लोग इस बात से अवगत हों कि यह सीट मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल के लिए है।’ कुमार ने कहा कि ऐसा स्थायी तौर पर करने के लिए विचार किया जा रहा है। वाराणसी से इंदौर के बीच सप्ताह में 3 बार चलने वाली इस ट्रेन में भक्ति भाव वाली हल्की ध्वनी से संगीत बजेगा और प्रत्येक कोच में 2 निजी गार्ड होंगे और यात्रियों को शाकाहारी खाना परोसा जाएगा।

2 रूट से चलेगी महाकाल एक्सप्रेस

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया यह ट्रेन वाराणसी और इंदौर के बीच सप्ताह में दो दिन लखनऊ और कानपुर होकर जाएगी, जबकि एक दिन इलाहाबाद और कानपुर होकर जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेन संख्या 82401 वाराणसी से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी। प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को यह ट्रेन (82401) सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर होते हुए इंदौर पहुंचेगी। वहीं 23 फरवरी, 2020 से ट्रेन संख्या 82403 प्रत्येक रविवार को वाराणसी से दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर रवाना होगी और जंघई, इलाहाबाद, कानपुर होते हुए इंदौर पहुंचेगी। 

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है ट्रेन

इस ट्रेन में 9 तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच, 2 जेनरेटर कार और एक पैंट्री कार सहित कुल 12 कोच लगाये गए हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और सभी बर्थ पर मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रत्येक यात्री के लिए यात्रा के दौरान 10 लाख रुपये का मानार्थ यात्रा बीमा की सुविधा भी है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन में 120 दिन अग्रिम आरक्षण की सुविधा है तथा आरक्षण चार्ट तैयार होने के बाद और ट्रेन के प्रस्थान समय से पांच मिनट पूर्व तक आरक्षण की सुविधा प्राप्त होगी।




नया पेज पुराने