पाकिस्तान में मंडप से हिन्दू लड़की का अपहरण, 75 दिनों में 53 हिंदू और सिख लड़कियों का अपहरण

पाकिस्तान में एक बार फिर हिंदू-सिखों के खिलाफ मुहिम शुरू हो गयी है। हिंदू-सिखों को बेइज्जत करना और लड़कियों को अगवाकर जबरन शादी के षडयंत्र पहले से तेज हो चुके हैं। पाकिस्तान में पिछले 75 दिनों में 53 हिंदू-सिख लड़कियों को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन किया गया और फिर मुसलमान लड़कों के साथ उनका निकाह करवा दिया गया। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू-सिखों के साथ अमानवीय व्यवहार सामान्य बात हो गयी है। 


शनिवार यानी 25 जनवरी को कराची के पास हाला शहर में भी एक हिंदू लड़की को कुछ मुसलमान लड़कों ने शादी के मण्डप उस वक्त जबरन उठा लिया जब उसके फेरे पड़ रहे थे। इस घटना का जानकारी देते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटि के प्रधान मंजिंदर सिंह सिरसा ने ट्विटर पर वीडियो और फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि हिंदू-सिख लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन और शादी के मामलों के खिलाफ भारत सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। पाकिस्तान में हिंदू-सिखों पर हो रहे अत्याचार रोकने के लिए पाकिस्तान की इमरान सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो यह मामला यूनाईटेड नेशंस में उठाना चाहिए। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू और सिखों की यह हालत है कि मुस्लिमों के खिलाफ आवाज भी नहीं उठा सकते।

मंजिंदर सिंह सिरसा ने ट्विटर पर लिखा है कि हाला में तो मुस्लिम युवकों के साथ स्थानीय पुलिस भी शामिल थी। पुलिस के सामने ही मुस्लिम युवकों ने बीच मण्डप लड़की को उठाया और अपने साथ ले गये। पुलिस ने लड़की के घर-वर और बारात को चारों ओर से घेर लिया और लड़की को लेकर चले गये। जब यह मामला मीडिया में पहुंचा तो लड़की को अगवा करने वाले शाहरुख खान नामके युवक ने आरोप लगाया कि लड़की एक महीने पहले ही इस्लाम कुबूल कर चुकी थी, और उसका निकाह भी हो चुका था। 


मंजिंदर सिंह का आरोप है कि अब हिंदू-सिख लड़कियों को संगठित तौर पर अगवा कर निकाह कराये जा रहे हैं। जिसको अगवा करना होता है उसके नाम से पहले ही निकाहनामे लिखलिए जाते हैं। ऐसा ही हाला शहर की घटना में हुआ है। इतना ही नहीं स्थानीय पुलिस ने लड़की के घर वालों को यह कह कर भगा दिया कि लड़की ने खुद इस्लाम स्वीकार किया है। अब वो तुम्हारी लड़की नहीं रही। उसका निकाह भी हो चुका है। ध्यान रहे, अभी कुछ दिन पहले ननकाना साहिब गुरुद्वारे के मुख्यग्रंथी की बेटी को अगवा कर जबरन निकाह करवा दिया गया था। अदालत में लड़की के बयान दर्ज होने से ठीक दो दिन पहले ननकाना साहिब की बेअदबी की गयी और सिखों को आतंकित किया गया। इसके बाद लड़की पर इतना दबाव डाला गया कि वो अदालत में कुछ भी नहीं बोल पायी। उसकी चुप्पी को पाकिस्तान की अदालत ने भी अपनी मर्जी से इस्लाम कुबूल करने और शादी करने की बात पर मुहर लगा दी गयी।







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