नागरिकता संशोधन बिल क्यों बेहद जरूरी था ?? पढ़िए इस स्टोरी में

Also Read

मित्रों जब मैं ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में था तब मैं वियना के एक मॉल में घूम रहा था, तभी मेरे कानों में पंजाबी भाषा सुनाई दी तब मैंने देखा कि एक उम्र दराज और एक नौजवान सिख मॉल में सामान देखते हुए आपस में पंजाबी में बात कर रहे थे ।


मैंने उन्हें सत श्री अकाल बोला और उनसे हंसकर पूछा क्या आप लोग भारत से हैं? मेरा इतना पूछना ही था कि उस बुजुर्ग शख्स के चेहरे के भाव बदल गए और उनके मुंह पर काफी दुख प्रकट हुआ फिर उन्होंने अपनी कहानी सुनाई


पता चला कि अफगानिस्तान में सदियों से सिख रहते आए हैं क्योंकि महाराजा रणजीत सिंह का राज्य अफगानिस्तान तक फैला था । बाद में तालिबान के अत्याचार से त्रस्त होकर सिख बेहद प्रताड़ित होने लगे यहां तक कि अफगानिस्तान में तालिबान ने सिखों को अंतिम संस्कार का भी इजाजत नहीं दिया और उन्हें आदेश दिया आपको अपने परिजनों का अंतिम संस्कार इस्लामिक रीति रिवाज से ही करना होगा। सिख लड़कियों के साथ बुरा सलूक हुआ, उनका अपहरण और उनका बलात्कार हुआ ।

फोटो में दिख रहे सिख पिता-पुत्र गजनी में रहते थे और उनका वहां पर बहुत बड़ा बिजनेस था करीब 50 एकड़ से ज्यादा खेती थी और बागीचा भी था यह लोग गजनी में तालिबान शासक के पहले बेहद सुखी थे

उनके सामने दो प्रस्ताव रखे गए या तो बेहद भारी जजिया टैक्स दो या इस्लाम कुबूल करो


तब उन्होंने बताया इस सैकड़ों की संख्या में अफगानी सिख पहले भारत आए लेकिन भारत में सालों तक ठोकरें खाने के बाद इन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ ..गौरतलब है कि उस समय कांग्रेस की सरकार थी ...उन्हें ना नागरिकता मिली ना नौकरी मिली ना कोई काम धंधा मिला

उसके बाद बहुत से सिख लोगों ने यूरोप का रुख किया और यूरोपियन यूनियन ने इन्हें बेहद अच्छा सुलूक किया।

और इन्हें बहुत अच्छे तरीके से बसाया गया .. बहुत से सिख जर्मनी ऑस्ट्रिया फिनलैंड नॉर्वे स्वीडन डेनमार्क में सेटल हो गए

अब यह जो फोटो नवयुवक है वह वियना यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है । घर में 8 सदस्य हैं और प्रति सदस्य 2000 यूरो भत्ता मिलता है इन्हें इसी साल आस्ट्रिया की नागरिकता भी मिल गई क्योंकि आस्ट्रिया के कानून के अनुसार यदि कोई शरणार्थी वैध डॉक्यूमेंट के साथ शरण लेता है और लगातार आस्ट्रिया में 8 साल रहता है तब उसे आस्ट्रिया की नागरिकता मिल जाती है


अंत ने मुझसे कहा था कि आपका देश भारत ने हमें स्वीकार नहीं किया लेकिन गैर देश आस्ट्रिया ने स्वीकार कर लिया

अब नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद अफगानिस्तान पाकिस्तान आदि के हिंदू सिख बौद्ध ईसाई लोगों को भारत में धक्के नहीं खाने होंगे.

आर्टिकल श्रोत : https://qr.ae/TZd2Rp




0/Post a Comment/Comments

नया पेज पुराने