बॉलीवुड देश के युवाओं की मानसिकता पर क्या असर डाल रहा है ?

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80 के दशक के बाद ,हिंदी सिनेमा का नाम बॉलीवुड हुआ और तभी से अंडरवर्ल्ड,पाकिस्तान,ड्रग्स माफिया,आदि का हिंदी फिल्मों में कंट्रोल है।
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यही वो दौर था जब बॉलीवुड में अश्लीलता का दौर आया,,,देशभर में आतंकवाद फैला,,,कशमीर में जिहाद हुआ,,दंगे भड़के,


बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं रहा, कई विदेशी ताकतें, कंपनी अपना माल बेचने के लिए,,,बॉलीवुड नामक गोबर का इस्तेमाल करती रही है।।

तभी तो,

कभी मुन्नी बदनाम हो जाती है,,,कभी शीला की जवानी बढ़ जाती है,,,, कभी अनारकली डिस्को चली जाती है,,, कभी ओह माय गॉड में परेश रावल भगवान की मूर्ति तोड़ देता है,,,कभी पीके में आमिर खान ,शंकर भगवान का मजाक बना देता है,,,,सनी लियोन जैसी पोर्न स्टार पे गाने फिल्माए जाते हैं और उसे अभिनेत्री बना दिया जाता है,,,पाकिस्तानी कलाकारों को यहां जबरदस्ती बुला दिया जाता है,,,गानों में जबरदस्ती मौला मौला चिल्लाया जाता है,,,कभी संजय दत्त जैसे अय्याश आदमी का खूबसूरत चित्रण करने वाली फिल्म बना दी जाती है,,,,,,कभी वंस अपोन ए टाइम इन मुंबई में एक गुंडे का खूबसूरत चित्रण किया जाता है,

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कभी ये एक नशेड़ी ,अय्याश ,ख़तम,बर्बाद,और बलात्कारी मानसिकता से ग्रस्त इंसान को हीरो के तौर पर पेश करते हैं,
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कभी ये एक पोर्नोग्राफिक फिल्मों की कलाकार को फिल्म अभिनेत्री बना देते हैं,,,और फिल्मों में भी उसे एक कामुक और नग्नता से भरा अभिनय दिया जाता है,,,जिसके लिए कहीं जगह नहीं वो भारत में आकर गंदगी फैला जाता है।मुझे दिक्कत इस बात से नहीं की वो पोर्नोग्राफिक फिल्मों में काम करती थी,,,मुझे दिक्कत इससे है कि बॉलीवुड वाले जानबूझकर उसे समाज में गंदगी घोलने वाले रोल देते हैं,,,,

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मै कैसे मान लूं इन बॉलीवुड वालों को भारत को तबाह करने के लिए पैसा नहीं मिलता??


90 के दशक में मुंबई में जो भाईगिरी चला करती थी ,जो गैर कानूनी काम होता था ,,उसे पैसे देने वाले ये तथाकथित पाकिस्तान समर्थक बॉलीवुड की गैंग ही थी।

अगर ये पाकिस्तानी इतने ही कलाकार व कला को पसंद करने वाले हैं तो अपने यहां ये सब नंगा नाच क्यूं रोक के रखते हैं?

बॉलीवुड तो चाहता ही ये है कि भारतीय लड़के इन नग्न औरतों ,पोर्नोग्राफिक अभिनेत्रियों को देखकर ,,,अय्याशी में ही खत्म हो जाए,,,

यकीन नहीं आता तो देखिए जरा अपने आस पास के युवाओं को क्या हाल है??कोई सिगरेट बाज,कोई दारू बाज,कोई लड़की बाज आदि,,,,कोई बलात्कार की मानसिकता से ग्रस्त हो गया है,,हाल ये है कि जवानी में कदम रखते ही इन्हे लड़की चाहिए,,काम धंधा,,परिश्रम कुछ नहीं करना ,,,पर लड़की चाहिए,,,,सब बॉलीवुड का नंगा नाच देखने का असर है।।

बस ताकत का इंजेक्शन लगाकर फर्जी बॉडी बना रहें हैं (ये भी बॉलीवुड द्वारा ही इनके दिमाग में घुसाया गया है,

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देखिए अपने आस पास के सिक्स पैक वाले लड़को को ,,,,केवल लड़की बाजी के लिए कसरत लिए जा रहें है,,जी हां अधिकतर लड़के अब लड़कियों को रिझाने के लिए ही बॉडी बना रहें है,,,,


बॉलीवुड के अभिनेताओं की नकल कर कर हर लड़का मॉडलिंग पे उतर आया है,,और काम धंधा छोड़कर बॉलीवुड के निठल्लों की तरह ही इस फालतू दिखावटी नुमाइश में लगा रहता है,,,,

जमीन में गिरा एक पत्ता न उठाना,,घर का कोई काम नहीं करना,,बस जिम जाना ,,राक्षस की तरह खाना,,,और सो जाना,,,,इसके बाद भी अपने को ताकतवर समझना,,, ये बॉलीवुड फिल्मों का ही असर है ,,,,जो युवा अपनी ज़िन्दगी बर्बाद किए जा रहें हैं,,,

गाली देना अब कूल कल्चर का हिस्सा है,दारू पीने से आप मॉडर्न हो जाते हैं,,,आप गधे कहलाएंगे जो आपने किसी लड़की के साथ शादी से पहले बिस्तर गरम नहीं किया,,,,सब बॉलीवुड फिल्में देखने से, दिमाग में भरे गोबर का असर है,,,
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पाकिस्तान समर्थक और आतंकवादियों कि कठपुतली,,, बॉलीवुड बस यही चाहता है कि भारत के युवा नशेड़ी,,हवस के पुजारी,,,और बीमार हो जाएं,,जो कि हो भी रहें है,,


बॉलीवुड वालों के दिमाग में भरे गोबर का पता इसी बात से लगाया जा सकता है की ये उस फिल्म व अभिनेता को अच्छा मानते हैं जो फिल्मों में गाली देता है ,,,,जो हिंसक है,,,आदि

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आजकल बॉलीवुड में अच्छी एक्टिंग और वास्तविक एक्टिंग का मतलब गाली देना है,,,,कोई एक्टर यदि गाली अच्छी देता है ,,तो बॉलीवुड वालों के अनुसार वो अच्छा एक्टर है,,,हिंसा कर लेता है तो अच्छा एक्टर है,,,,

भारत के युवाओं की बरबादी का कुछ ये हाल है कि जैसे ही इन बॉलीवुड वालों को वेब सीरीज का पता चला,,,जिसमें ये कुछ भी दिखा सकते हैं,,,सेंसर मुक्त है,,,,इन्होने सबसे पहले वही दिखाया जो इन्होने अभी तक युवाओं पूरी तरह नहीं दिखाया था,,जैसे सेक्स,,वैश्यावृत्ति,,,गाली गलौज,,खून खराबा,,आदि,

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क्या हमारे देश में यही हो रहा था जो इन लोगों ने मौका मिलते ही अपनी औकात दिखा दी,,,,,,पर नहीं जी इनकी दुकानें ,,,इनकी बीवियों के खर्चे ,,,इनकी गाड़ियों में पेट्रोल ,,और इनकी विदेश यात्राओं के खर्चे भारत के युवाओं की ज़िन्दगी बर्बाद करके पूरे हो रहें है,,,

युवा बॉलीवुड और वेब सीरीज देखकर मनोरंजन के नाम पर अपने दिमाग में गोबर भर रहें हैं और अपनी ज़िन्दगी बर्बाद कर रहें हैं।




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