कश्मीर ही नही असम की समस्या की जड़ थे नेहरू, एक ऐसी सन्धि जिसके बाद असम बन गया बंगलादेशियो का ठिकाना

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1947 में हिंदुस्तान के बटवारे के समय कुछ लोग असम से पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश चले , लेकिन उनकी जमीन जायदाद असम में ही थी और लोगो का दोनो ओर से आना जाना बटवारे के बाद भी जारी रहा,

इसमे 1950 में नेहरू - लियाकत पैक्ट की भी अहम भूमिका थी, इसमे नेहरू ने उस समय भारत की पूर्वी पाकिस्तान अर्थात बांग्लादेश की वर्तमान सीमा को सरकारी आदेश देते हुए खोल दिया था, जिसके बाद से ही बांग्लादेश से घुसपैठ होना शुरू हुआ, इससे असम राज्य की डेमोग्राफिक सिचुएशन बदलने लगी ।



इसके बाद असम में विदेशियो को भगाने का मुद्दा तूल पकड़ने लगा, इन्ही हालात में 1979 से 1985 के बीच मे असम में 6 सालो तक आंदोलन हुआ,

आज असम में लाखों बांग्लादेशी घुसपैठियों के रहने का कारण नेहरू ही है, यदि उस समय भारत की सीमा सील हो गयी होती तो आज असम में ऐसे हालात नही होते और असम से हिन्दुओ का पलायन नही होता ।
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  1. Desh ki sari samasyaon ke liye nehru aur gandhi hi doshi hain nehru ne apni ayashi ke liye bahut bade bade desh ke liye nuksandayak faisle liye jiski saza ham ajtak bhugat rahe hain.

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